पहाड़ की शांत वादियों में बसे पोखरियाल गांव की महिलाओं ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। गांव की ‘खुली बैठक’ में सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया है कि अब गांव के भीतर किसी भी शादी-समारोह या सार्वजनिक उत्सव में शराब का सेवन और वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई भी परिवार इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर 21,000 रुपये का भारी अर्थदंड लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, दंड न भरने की सूरत में उस परिवार का पूर्ण सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाएगा और गांव का कोई भी व्यक्ति उनके घर के कार्यक्रमों में शामिल नहीं होगा। महिलाओं का कहना है कि शराब ने न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है, बल्कि कई हंसते-खेलते परिवार भी तबाह कर दिए हैं। इस मुहिम के जरिए महिलाएं गांव की आर्थिक स्थिति सुधारने और घरेलू हिंसा को जड़ से खत्म करना चाहती हैं। गांव के इस कड़े रुख की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। अब यह गांव न केवल नशामुक्ति की मिसाल बन गया है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे रहा है कि यदि मातृशक्ति ठान ले, तो कोई भी बुराई टिक नहीं सकती।
अब शराब नहीं, खुशहाली परोसेगा प्रतापगनगर का पोखरियाल गांव












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