देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ते सड़क हादसे चिंता बढ़ा रहे हैं। 2025 में न केवल हादसे बल्कि जान गंवाने और घायल होने लोगों की संख्या में बढ़ती है। राज्य में 1846 हादसों में 1242 लोगों की जान गई। जबकि 2056 लोग घायल हुए हैं।
शनिवार सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में परिवहन विभाग ने इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस पोर्टल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2025 में राज्य में हुई सड़क हादसों की रिपोर्ट पेश की। इसमें वर्ष 2024 में जहां सड़क हादसों में 1090 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 1242 पहुंच गया है। दुर्घटनाओं की कुल संख्या भी 1747 से बढ़कर 1846 हो गई है। घायलों की संख्या में तो भारी उछाल आया है, वर्ष 2025 में 2056 लोग चोटिल हुए, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 33 प्रतिशत अधिक है।
पहाड़ी जिलों में बढ़ा जोखिम
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो चमोली, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जैसे पहाड़ी जिलों में स्थिति भयावह है। बागेश्वर में 2024 की अपेक्षा 2025 में दुर्घटनाओं में 160 फीसदी और चमोली में 127 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, पिथौरागढ़ में मौतों का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 442 फीदी तक बढ़ गया है, जो सड़क सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
देहरादून में कम हुए हादसे, पर मौतें बढ़ी
मैदानी जिलों का हाल आंकड़े देखें तो 2024 की तुलना देहरादून में दुर्घटनाओं की संख्या में 11 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन मौतों का आंकड़ा यहां भी 9.57 फीसदी बढ़ गया है। हरिद्वार और चम्पावत जैसे कुछ जिलों में हादसों में मामूली गिरावट राहत की एकमात्र खबर है। प्रशासन अब इन आंकड़ों के आधार पर उन ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित करने में जुट गया है जहां सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं।












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