देहरादून। पीआरडी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निरंजनपुर में आयोजित बैठक में सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। संगठन का कहना है कि एक ही प्रदेश में समान कार्य के लिए अलग-अलग नियम कानून और वेतनमान लागू कर सरकार जवानों का मानसिक और आर्थिक शोषण कर रही है।
वक्ताओं ने कहा कि जब होमगार्ड और अन्य वैकल्पिक कर्मियों को ‘समान कार्य का समान वेतन’ दिया जा रहा है, तो पीआरडी जवानों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों? संगठन ने मांग की है कि पीआरडी जवानों को भी इसी तर्ज पर तत्काल समान वेतन दिया जाए और इसका शासनादेश जल्द से जल्द जारी हो। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया, तो उत्तराखंड का प्रत्येक पीआरडी जवान अपने परिवार के साथ देहरादून कूच करेगा। इस उग्र आंदोलन और धरने की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस मौके पर प्रदेश संयोजक सचिव संजय सिंह पवार, गंभीर सिंह रावत, देहरादून जिला अध्यक्ष सुधीर तोमर, मनोज कुमार (चंपावत), अशोक कुमार (पौड़ी), दीपा रावत, शारदा रावत, कृपाराम, नवीन बिष्ट, आशीष नौटियाल और बारू तोमर आदि मौजूद रहे।
उत्तराखंड में जवानों ने दी सड़क पर उतरने की चेतावनी दी












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