देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से रविवार को तृतीय सुरजीत दास स्मृति व्याख्यान-2026 में मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार पी. साईनाथ ने ‘असमानता के युग में भारत’ विषय पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत में असमानता का स्तर 1920 के ब्रिटिश राज के चरम काल के बराबर, या उससे भी अधिक हो गया है।
साईनाथ ने मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज कवरेज का बड़ा हिस्सा अति-अमीरों की सफलता के गुणगान तक सीमित है। उन्होंने मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की कमी पर चिंता जताई, जो महामारी के दौरान लाखों की जीवन रेखा थी। उन्होंने पत्रकारों और लेखकों का आह्वान किया कि वे ग्रामीण भारत की गरीबी, जातिगत भेदभाव और संरचनात्मक असमानताओं को केंद्र में रखें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माता शाश्वती तालुकदार ने की। इससे पूर्व, संस्थान के निदेशक एन. रविशंकर ने अतिथियों का स्वागत किया और विभापुरी दास ने साईनाथ को स्मृति चिह्न भेंट किया। केंद्र के अध्यक्ष प्रो. बीके जोशी ने व्याख्यान श्रृंखला की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में रविन्द्र संगीत और सुरजीत दास पर केंद्रित लघु फिल्म भी दिखाई गई। इस अवसर पर राजीव लोचन साह, शहाब नकवी, डॉ. सुशील उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
असमानता का स्तर ब्रिटिश काल के बराबर पहुंचा : पी. साईनाथ












Leave a Reply